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Jaun Elia Shayari in Hindi and English: A Melodic Journey

Jaun Elia Shayari

Jaun Elia Shayari in Hindi and English

Jaun Elia, whose real name was Syed Hussain, was a renowned Pakistani Urdu-language poet, biographer, scholar, and philosopher. Born in 1931 in Amroha, Uttar Pradesh, India, he belonged to a family with deep literary roots. His father, Allama Shafiq Hasan Elia, was a prominent scholar, and this environment played a pivotal role in shaping Jaun Elia’s literary journey.

Welcome to the mesmerizing world of Jaun Elia Shayari in Hindi and English. Jaun Elia, a name that resonates with lovers of Urdu poetry, left an indelible mark on the hearts of poetry enthusiasts. In this article, we will embark on a poetic journey, unraveling the life, poetic prowess, and the captivating Shayari of Jaun Elia in both Hindi and English.

Jaun Elia Shayari in Hindi

सारे रिश्ते तबाह कर आया,
दिल-ए-बर्बाद अपने घर आया,
मैं रहा उम्र भर जुड़ा खुद से,
याद मैं खुद को उम्र भर आया..!!
कौन इस घर की देख-भाल करे,
रोज़ इक चीज़ टूट जाती है..!!
इतना तो जानता हुँ के अब तेरी आरज़ू,
बेकार कर रहा हुँ अगर कर रहा हुँ मैं..!!
अब हमारा मकान किसका है,
हम तो अपने मकान के थे ही नहीं..!!
बहुत नज़दीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या?
कितने ऐश उड़ाते होंगे कितने इतराते होंगे,
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे,
यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का,
वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे..!!
मेरी बाहों में बहकने की सजा भी सुन ले,
अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझ को..!!
सब दलीलें तो मुझको याद रही,
बहस क्या थी उसी को भूल गया..!!
गवाई किस तमन्ना में ज़िन्दगी मैंने,
वो कौन है जिसे देखा नहीं कभी मैंने,
तेरा ख़याल तो है, पर तेरा वजूद नहीं,
तेरे लिए ये महफ़िल सजाई मैंने..!!
मैं तो बस एक नाम था और मुझे हवाओं में,
धूल पे लिख दिया गया और उड़ा दिया गया..!!
रोया हूँ तो अपने दोस्तों में,
पर तुझ से तो हँस के ही मिला हूँ..!!
सो गए पेड़ जग उठी खुशबू,
जिंदगी ख्वाब क्यों दिखाती है..!!
यादों का हिसाब रख रहा हूँ,
सीने में अज़ाब रख रहा हूँ,
तुम कुछ कहे जाओ, क्या कहूं मैं,
बस दिल में जवाब रख रहा हूँ..!!
ये हैं एक जब्र इत्तेफ़ाक नहीं,
जौन होना कोई मज़ाक नहीं..!!
आखिरी बार आह कर ली है,
मैंने खुद से निबाह कर ली है,
अपने सर एक बाला तो लेनी थी,
मैंने वो ज़ुल्फ़ अपने सर ली हैं..!!
महक उठा है आँगन इस ख़बर से,
वो ख़ुशबू लौट आई है सफ़र से..!!
ज़ब्त कर के हँसी को भूल गया,
मैं तो उस ज़ख़्म को ही भूल गया..!!
यादों का हिसाब रख रहा हूँ,
सीने में अज़ाब रख रहा हूँ,
तुम कुछ कहे जाओ, क्या कहूं मैं,
बस दिल में जवाब रख रहा हूँ..!!
अपने सब यार काम कर रहे हैं,
और हम हैं कि नाम कर रहे हैं..!!
यूँ जो ताकता है आसमान को तू,
कोई रहता है आसमान में क्या?
यह मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता,
एक ही शख्स था जहां में क्या?
दिल-ए-बर्बाद को आबाद किया हैं मैंने,
आज मुद्दत में तुम्हे याद किया है मैंने..!!
काम की बात मैंने की ही नहीं,
ये मेरा तौर-ए-ज़िंदगी ही नहीं..!!
बोहोत दिल को कुशादा कर लिया क्या,
ज़माने भर से वादा कर लिया क्या,
बोहोत नजदीक आती जा रही हो,
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या..!!
एक हुनर है जो कर गया हूँ मैं,
सब के दिल से उतर गया हूँ मैं..!!
बेदिली क्या यूंहीं दिन गुज़र जाएंगे,
सिर्फ़ जिंदा रहे हम तो मर जाएंगे..!!
हम जी रहे हैं कोई बहाना किए बग़ैर,
उस के बग़ैर उस की तमन्ना किए बग़ैर..!!
ये काफ़ी है कि हम दुश्मन नहीं हैं,
वफ़ा-दारी का दावा क्यूँ करें हम..!!
उस गली ने ये सुन के सब्र किया,
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं..!!
मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस,
ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं..!!
शर्म, दहशत, झिझक, परेशानी,
नाज़ से काम क्यों नहीं लेतीं,
आप, वो, जी, मगर, ये सब क्या है,
तुम मेरा नाम क्यों नहीं लेतीं..!!
दिल तमन्ना से डर गया जनाब,
सारा नशा उतर गया जनाब..!!
कौन इस घर की देखभाल करें,
रोज एक चीज टूट जाती है..!!
यूँ जो ताकता है आसमान को तू,
कोई रहता है आसमान में क्या?
यह मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता,
एक ही शख्स था जहां में क्या?..!!
ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली,
मेरी मौजूदगी में सो रही है..!!
कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे,
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे..!!
उस के होंटों पे रख के होंट अपने,
बात ही हम तमाम कर रहे हैं..!!
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई,
देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ..!!
इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं,
सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
उस के पहलू से लग के चलते हैं,
हम कहीं टालने से टलते हैं..!!
मुद्दतों बाद इक शख़्स से मिलने के लिए,
आइना देखा गया, बाल सँवारे गए..!!
ये मत भूलो कि ये लम्हात हम को,
बिछड़ने के लिए मिलवा रहे हैं..!!
अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम,
अब भी तुम मुझको जानती हो क्या..!!
कितने ऐश उड़ाते होंगे कितने इतराते होंगे,
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे,
यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का,
वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे..!!
मेरा एक मशवरा है इल्तेज़ा नहीं,
तू मेरे पास से इस वक़्त जा नहीं..!!
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नही हुई,
पर यकीन सबको दिलाता रहा हूँ मैं..!!
अपना खाका लगता हूँ, एक तमाशा लगता हूँ,
अब मैं कोई शख्स नहीं, उसका साया लगता हुँ..!!
एक हुनर हैं जो कर गया हुँ मैं,
सबके दिल से उतर गया हुँ मैं,
क्या बताऊँ की मर नहीं पाता,
जीते जी जब से मर गया हुँ मैं..!!
इलाज यह हैं की मजबूर कर दिया जाऊं,
वर्ना यूं तो किसी की नहीं सुनीं मैंने..!!
नया इक रब्त पैदा क्यूँ करें हम,
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम..!!
महक उठा है आँगन इस ख़बर से,
वो ख़ुशबू लौट आई है सफ़र से
बेदिली क्या यूं ही दिन गुजर जाएंगे,
सिर्फ जिंदा रहे हम तो मर जाएंगे..!!
हम को यारों ने याद भी न रखा,
‘जौन’ यारों के यार थे हम तो..!!
न करो बहस हार जाओगी,
हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं..!!
रंग की अपनी बात है वर्ना,
आख़िरश ख़ून भी तो पानी है..!!
पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें,
ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँ करें हम..!!
बात ही कब किसी की मानी है,
अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी,
ये कलाई ये जिस्म और ये कमर,
तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी..!!
हर शख्स से बे – नियाज़ हो जा,
फिर सब से ये कह की मैं खुदा हूँ..!!
जाइये और खाक उड़ाइये आप,
अब वो घर क्या कि वो गली ही नहीं..!!
आखिरी बार आह कर ली है,
मैंने खुद से निबाह कर ली है,
अपने सर इक बाला तो लेनी थी,
मैंने वो ज़ुल्फ़ अपने सर ली हैं..!!
हमारे ज़ख़्म ए तमन्ना पुराने हो गए हैं,
कि उस गली में गए अब ज़माने हो गए हैं..!!
गवाई किस तमन्ना में ज़िन्दगी मैंने,
वो कौन है जिसे देखा नहीं कभी मैंने,
तेरा ख़याल तो है पर तेरा वजूद नहीं,
तेरे लिए ये महफ़िल सजाई मैंने..!!
दिल तमन्ना से डर गया जनाब,
सारा नशा उतर गया जनाब..!!
कैसे कहें कि उस को भी हम से है कोई वास्ता,
उस ने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया
ख़ूब है इश्क़ का ये पहलू भी,
मैं भी बर्बाद हो गया तू भी..!!
सारे रिश्ते तबाह कर आया,
दिल-ए-बर्बाद अपने घर आया,
मैं रहा उम्र भर जुड़ा खुद से,
याद मैं खुद को उम्र भर आया..!!
जो गुज़ारी न जा सकी हम से,
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है..!!
सारे रिश्ते तबाह कर आया,
दिल-ए-बर्बाद अपने घर आया,
मैं रहा उम्र भर जुड़ा खुद से,
याद मैं खुद को उम्र भर आया..!!
बात ही कब किसी की मानी है,
अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी..!!

Jaun Elia Shayari in English

Came destroying all relationships,
Heart-broken came home,
I remained connected to myself throughout my life,
I remember myself throughout my life..!!
Who will take care of this house,
Every day one thing breaks..!!
I know this much that now your wish,
If I am doing it then I am doing it in vain..!!
Whose house is ours now?
We did not even belong to our house..!!
You are coming very close,
Have you decided to separate?
How much pride they must be flaunting, how much they must be boasting,
Who knows what kind of people will be there who will be pleasing to him,
Friends, please mention something about his doomed arms.
Those who would have been confined would have died in them..!!
Hear the punishment for getting carried away in my arms,
Now I will free you very soon..!!
I remember all the arguments,
Forgot what the argument was about..!!
In what desire did I live my life?
Who is that person whom I have never seen?
Your thought is there, but you do not exist.
I organized this party for you..!!
I was just a name and I was in the winds,
It was written on dust and blown away..!!
I have cried among my friends,
But I met you only with a smile..!!
The trees fell asleep and the fragrance woke up,
Why does life show dreams..!!
I am keeping track of memories,
I am keeping the pain in my chest,
You say something, what should I say?
I am just keeping the answer in my heart..!!
This is not a coincidence,
Being Jaune is no joke..!!
I have sigh for the last time,
I have taken care of myself,
I had to get a hair for myself,
I have taken that hair on my head..!!
The courtyard is fragrant with this news,
That fragrance has returned from the journey..!!
I forced myself to forget laughter,
I forgot that wound itself..!!
I am keeping track of memories,
I am keeping the pain in my chest,
You say something, what should I say?
I am just keeping the answer in my heart..!!
All your friends are working,
And we are doing that name..!!
You who look at the sky like this,
Does anyone live in the sky?
Why don’t I feel at ease?
There was only one person, what about me?
I have inhabited this ruined heart,
Today I have missed you for a long time..!!
I didn’t even talk about work,
This is not my way of life..!!
Have you hurt your heart too much?
Have you made a promise all along?
You are coming very close,
Have you decided to get separated..!!
There is a skill that I have developed,
I have fallen from everyone’s heart..!!
Will these days pass by carelessly?
Just stay alive otherwise we will die..!!
We are living without any excuse,
Without him, without wishing for him..!!
It is enough that we are not enemies,
Why should we claim loyalty..!!
That street had patience after hearing this,
The people leaving were not from here..!!
I am also very strange, so strange that that’s it,
Destroyed myself and didn’t even regret..!!
Shame, terror, hesitation, trouble,
Why don’t you work with pride?
You, that, yes, but, what is all this,
Why don’t you take my name..!!
Sir, my heart is scared of desire.
All the intoxication has gone away sir..!!
Who will take care of this house,
Every day one thing breaks..!!
You who look at the sky like this,
Does anyone live in the sky?
Why don’t I feel at ease?
There was only one person, where am I?!!
The one who complains of grief and sorrow,
Sleeping in my presence..!!
How luxuriously they must be living, how proud they must be,
Who knows what kind of people will be there who will like him..!!
Put your lips on her lips,
This is what we are all talking about..!!
If I think about it, my whole life has been spent in love.
If I look, not even a single person is mine..!!
This is a skill that I have developed,
I have fallen from everyone’s heart
Let’s move closer to his face,
We avoid it by postponing it..!!
To meet a person after a long time,
Mirror was seen, hair was combed..!!
Don’t forget that this moment is ours,
Making us meet only to get separated..!!
Now I am infamous everywhere,
Do you still know me?..!!
How much pride they must be flaunting, how much they must be boasting,
Who knows what kind of people will be there who will be pleasing to him,
Friends, please mention something about his doomed arms.
Those who would have been confined would have died in them..!!
I have a suggestion, not a request.
Don’t go away from me this time..!!
Maybe I didn’t love anyone,
But I have been assuring everyone..!!
I feel like my blueprint, I feel like a show,
Now I am not a person, I feel like his shadow..!!
There is a skill that I have done,
I have fallen from everyone’s heart,
What can I say that I cannot die?
I have been dead ever since I was alive..!!
The cure is to force,
Otherwise I didn’t listen to anyone..!!
Why should we create a new night?
If we have to separate then why should we fight..!!
The courtyard is fragrant with this news,
That fragrance has returned from the journey
Will the days pass like this without any reason?
Just stay alive otherwise we will die..!!
Our friends didn’t even remember us,
‘Jaun’ we were friends of friends..!!
Don’t argue, you will lose.
Beauty is not such a big argument..!!
Color has its own thing otherwise,
After all blood is also water..!!
Let the dead bodies of humans remain lying,
Why should we lighten the burden of the land..!!
When is anyone’s opinion acceptable?
You will leave after fulfilling your stubbornness,
This wrist, this body and this waist,
You will definitely break the jar..!!
Become independent from everyone,
Then tell everyone that I am God..!!
Go and burn yourself to ashes,
Now what is that house or not that street..!!
I have sigh for the last time,
I have taken care of myself,
Had to get a hair for my head,
I have taken that hair on my head..!!
Our wounds and desires have become old,
It’s been a long time since I went to that street..!!
In what desire did I live my life?
Who is that person whom I have never seen?
I think of you but you don’t exist.
I organized this party for you..!!
Sir, my heart is scared of desire.
All the intoxication has gone away sir..!!
How can we say that he also has anything to do with us?
He has never held any grudge against us.
This aspect of love is also beautiful,
I too am ruined, you too..!!
Came destroying all relationships,
Heart-broken came home,
I remained connected to myself throughout my life,
I remember myself throughout my life..!!
Which we could not survive,
We have lived that life..!!
Came destroying all relationships,
Heart-broken came home,
I remained connected to myself throughout my life,
I remember myself throughout my life..!!
When is anyone’s opinion acceptable?
You will leave after fulfilling your stubbornness..!!

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