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Insaniyat Shayari in Hindi and English: Spreading Humanity Through Poetry

Insaniyat Shayari in Hindi and English

Insaniyat Shayari, which translates to “Humanity Poetry,” is a genre that resonates with people from diverse linguistic backgrounds. It serves as a poignant reminder of the universal values that bind us all together—kindness, compassion, empathy, and love. This genre beautifully merges the rich heritage of Hindi poetry with the global appeal of the English language, making it accessible to a wide audience.

Insaniyat Shayari in Hindi

मानवता अस्तित्व का सार है; इसके बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है.
मानवता की पुस्तक में, दयालुता का प्रत्येक कार्य एक अनमोल पृष्ठ है।
किसी व्यक्ति का सच्चा धन उसकी संपत्ति में नहीं बल्कि उसके दयालु हृदय में निहित है।
एक दयालु भाव सबसे बड़ी दूरियों को पाट सकता है और सबसे गहरे घावों को ठीक कर सकता है।
आइए यह न भूलें कि हम सभी इस नाजुक दुनिया को साझा करते हैं; हमारी मानवता हमें जीवन की इस यात्रा में एकजुट करती है।
मानवता के बगीचे में, सहानुभूति को वह फूल बनने दें जो हर दिल में खिलता है।
किसी व्यक्ति के चरित्र का माप उसकी स्थिति नहीं है, बल्कि यह है कि वह उन लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है जो बदले में उसे कुछ नहीं दे सकते।
सबसे सुन्दर भाषा बोली नहीं जाती; यह प्रेम और दया की भाषा है जो सभी बाधाओं को पार करती है।
मानवता एक मोमबत्ती है जो सबसे अंधकारमय समय में भी सबसे अधिक चमकती है।
जब हम दूसरों की ओर मदद का हाथ बढ़ाते हैं तो हम मानवता की एक ऐसी कहानी लिख रहे होते हैं जो हमेशा याद रखी जाएगी।
हम खुदा थे गर न होता दिल में कोई मुद्दा,
आरजूओं ने हमारी हमको बंदा कर दिया..!!
दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते,
पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग..!!
निभाते नही है वह लोग आजकल वरना,
इंसानियत से बड़ा कोई रिश्ता नही..!!
मेहनत के प्रति मन मै अपने श्रद्धा हमेशा बनाए रखना,
जिंदगी मे बस इंसानियत को ही अपना उसूल बनाए रखना..!!
न हम अच्छे न तुम अच्छे रहा कोई न अब अच्छा,
मगर अच्छा रहे हम तुम अगर अच्छाइयाँ सीखें..!!
दौलत की चमक ये तेरी बीनाई न लूटे,
गुज़रे जो मुद्दई कोई तो दरगुज़र न हो..!!
आदमी का आदमी हर हाल में हमदर्द हो,
इक तवज्जोह चाहिए इंसाँ को इंसाँ की तरफ़..!!
मेरी जबान के मौसम बदलते रहते हैं,
मैं तो आदमी हूँ मेरा ऐतबार मत करना..!!
यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं,
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे..!!
मैंने इंसान के ही हाथो,
इंसानियत को मरते देखा है..!!
फितरत सोच और हालात में फर्क है वरना,
इन्सान कैसा भी हो दिल का बुरा नहीं होता..!!
इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं,
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद..!!
हमारी आरजूओं ने हमें इंसान बना डाला,
वरना जब जहां में आये थे बन्दे थे खुदा के..!!
जिन्हें महसूस इंसानों के रंजो-गम नहीं होते,
वो इंसान भी हरगिज पत्थरों से कम नहीं होते..!!
चंद सिक्कों में बिकता है यहाँ इंसान का ज़मीर,
कौन कहता है मेरे मुल्क में महंगाई बहुत है..!!
ढूंढ़ने से तो बशर को खुदा भी मिलता है,
खुदा अगर ढूंढे तो इंसान कहाँ मिलता है..!!
ज़मीर जाग ही जाता है अगर ज़िन्दा हो इक़बाल,
कभी गुनाह से पहले तो कभी गुनाह के बाद..!!
इंसानियत का पुजारी था मैं,
इंसानों को परख नहीं पाया मैं,
अफसोस तो इसी बात का हैं,
इंसानों को परख नहीं पाया मैं..!!
इंसान की मदद करने इंसान ही आता है,
इंसानियत का अपना एक उसूल होता है..!!
जरा सा बात करने का तरीका सीख लो तुम भी,
उधर तुम बात करते हो इधर दिल टूट जाता है..!!
ऐ आसमान तेरे ख़ुदा का नहीं है ख़ौफ़
डरते हैं ऐ ज़मीन तिरे आदमी से हम..!!
क्यो उस नन्ही सी जान को हलाल करके खाता है,
तो इंसान ही है ना क्या तुझे रहम नही आता है..!!
इंसान तो हर घर मे जन्म लेता है बस,
इंसानियत कही कही ही जन्म लेती है..!!
पहले ज़मीं बँटी फिर घर भी बँट गया,
इंसान अपने आप में कितना सिमट गया..!!
प्यार की चाँदनी में खिलते हैं,
दश्त-ए-इंसानियत के फूल हैं हम..!!
हमारी आरजूओं ने हमें इंसान बना डाला,
वर्ना जब जहान में आये थे बन्दे थे खुदा के..!!
होठो पर मुस्कान रहे,
हर दम तेरा ध्यान रहे,
जिस दिल में इंसानियत,
उस दिल में भगवान रहे..!!
पहले जमीन बंटी फिर घर भी बंट गया,
इंसान अपने आप मे कितना सिमट गया..!!
चीजो की कीमत मिलने से पहले होती है,
इंसानो की कीमत खोने के बाद..!!
उस शिक्षा का कोई भी मतलब नही,
जो तुम्हे इंसानियत ना सिखाती हो..!!
जिंदगी की वैलिडिटी भले ही कम हो पर,
इंसानियत का बैलेस कभी कम नही होना चाहिए..!!
इन्सानियत की रौशनी गुम हो गई कहाँ,
साए तो हैं आदमी के मगर आदमी कहाँ..!!

Insaniyat Shayari in English

Humanity is the essence of existence; Without this life has no meaning.
In the book of humanity, every act of kindness is a precious page.
A man’s true wealth lies not in his wealth but in his kind heart.
A kind gesture can bridge the greatest distances and heal the deepest wounds.
Let’s not forget that we all share this fragile world; Our humanity unites us in this journey of life.
In the garden of humanity, let empathy be the flower that blooms in every heart.
The measure of a man’s character is not his position, but how he treats those who can give him nothing in return.
The most beautiful language is not spoken; It is the language of love and kindness that transcends all barriers.
Humanity is the candle that shines brightest even in the darkest of times.
When we extend a helping hand to others, we are writing a story of humanity that will be remembered forever.
We would have been God if there was no issue in our heart.
Our desires have made us slaves..!!
Do not worship anywhere in the temples of the heart,
People search for God in stone buildings..!!
They don’t follow that these days otherwise,
There is no greater relationship than humanity..!!
Always maintain your faith in hard work,
Just keep humanity as your principle in life..!!
Neither we nor you are good, no one is good now,
But we will be better off if you learn good things..!!
May the shine of wealth not spoil your gleanings,
The pain that has passed must not be repeated by anyone..!!
Be sympathetic to every man in every situation.
Man needs one attention towards man..!!
The seasons of my tongue keep changing,
I am a man, don’t trust me..!!
Here the value of the dress is not of the man,
Give me bigger glasses and reduce the alcohol..!!
At the hands of man itself,
Have seen humanity dying..!!
There is a difference between natural thinking and circumstances, otherwise,
No matter what kind of person a person is, his heart is not bad..!!
There is no end to human desires,
Two yards of land is also needed after two yards of shroud..!!
Our desires made us human,
Otherwise, when I came here, I was a servant of God..!!
Who does not feel the joys and sorrows of humans,
Those humans too are no less than stones..!!
Here human conscience is sold for a few coins,
Who says there is a lot of inflation in my country..!!
By searching, even Bashar finds God.
If we search for God then where can we find man..!!
Conscience awakens if Iqbal is alive.
Sometimes before the crime and sometimes after the crime..!!
I was a worshiper of humanity,
I could not judge humans,
This is what I regret,
I could not judge humans..!!
Only man comes to help man,
Humanity has its own principle..!!
You too should learn how to talk a little.
There you talk and here your heart breaks..!!
O sky, there is no fear of your God.
We are afraid of the man behind this earth..!!
Why does he kill that little soul and eat it?
So you are a human being, don’t you feel pity..!!
A human being is born in every house,
Humanity is born somewhere..!!
First the land was divided, then the houses were also divided.
Man has become so confined within himself..!!
bloom in the moonlight of love,
We are the flowers of humanity..!!
Our desires made us human,
Otherwise, when I came into this world I was a servant of God..!!
Let there be a smile on your lips,
Take care of you at all times,
In whose heart there is humanity,
May God remain in that heart..!!
First the land was divided, then the houses were also divided.
Man has become so confined within himself..!!
Things are priced before they are received,
After losing the value of humans..!!
That education has no meaning,
Which doesn’t teach you humanity..!!
The validity of life may be less,
The balance of humanity should never decrease..!!
Where has the light of humanity disappeared?
There are shadows of man but where is the man..!!

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